Mirabai Padas (Padavali + individual pads)
मीराबाई पदावली
मूल श्लोकः
तेरे सावरे मुख पर वारी। वारी वारी बलिहारी॥ध्रु०॥ मोर मुगुट पितांबर शोभे। कुंडलकी छबि न्यारी न्यारी॥१॥ ब्रिंदामन मों धेनु चरावे। मुरली बजावत प्यारी॥२॥ मीरा कहे प्रभु गिरिधर नागर। चरण कमल चित्त वारी॥३॥
Mira 1.101
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