कबीरदास जी कहते हैं कि उस परमात्मा के विषय में तभी कहा जा सकता है जब हम उस तक पहुँच जाएंगे। अभी तो मैं मंझधार में पड़ा हूँ। साधना के मार्ग में बीच में ही पड़ा हूँ इसलिये इस समय ईश्वर के विषय में कुछ कह कर अन्य मनुष्यों को धोखा क्यों दे।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
पहुँचैंगे तब कहैंगे, अमड़ैंगे उस ठाँइ। अजहूँ बेरा समन्द मैं, बोलि बिगूचैँ काँइ॥
Kabir 8.5
Audio
Translations & commentaries(3)
Sūtra — Translation
Bhāṣya — Commentary
बिना परमात्मा ज्ञान के उसके विषय में कुछ भी कहना व्यर्थ है।
Padārtha — Word-meaning
अमडैंगे = कहेंगे। बिगूचैँ = घोखा दें।