Sant Seva ParishadSant Seva ParishadSSP · sant seva

Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)

कबीर दोहावली

मूल श्लोकः

ममिता मेरा क्या करै, प्रेम उघाड़ीं पौलि। दरसन भया दयाल का, सूल भई सुख सौड़ि॥

Kabir 5.6

Audio
Translations & commentaries(3)

Sūtra Translation

Sūtrahi.wikisource· HI

माया मेरा क्या कर लेंगी अब तो प्रेम का द्वार उन्मुक्त हो गया अब तो दयालु ब्रह्म के दर्शन हो गए, अब दुख भी सुख प्रतीत होने लगे।

Bhāṣya Commentary

Bhāṣyahi.wikisource· HI

ब्रह्मानुभूति प्राप्त हो जाने के बाद माया मोह के बन्धन विछिन्न हो गये।

Padārtha Word-meaning

Padārthahi.wikisource· HI

ममिता=ममता। उघाड़ी=खोल दिया। पौलि=द्वार।