Sant Seva ParishadSant Seva ParishadSSP · sant seva

Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)

कबीर दोहावली

मूल श्लोकः

​ बिरहिन ऊठै भी पडै, दरसन कारनि राम। मृवां पीछे देहुगे सो दरसन किहि काम॥

Kabir 3.5

Audio
Translations & commentaries(3)

Sūtra Translation

Sūtrahi.wikisource· HI

हे राम! विरहिनी तुम्हारे दर्शन के लिए उठते हैं और पुनः गिर पड़ती है। यदि मृत्यु के अनन्तर तुम्हारे दर्शन हुए भी तो किस काम के उससे क्या लाभ होगा। ​

Bhāṣya Commentary

Bhāṣyahi.wikisource· HI

प्रस्तुत साखी में विरहिनी की कृशावस्था, और विरह के दुषप्रभाव का चित्रण किये गये हैं।

Padārtha Word-meaning

Padārthahi.wikisource· HI

ऊठै= उठे । भि= फिर । पडै= गिर= गिर पडती है । दरसद=दर्शन। कारनि = कारणी।