अन्ततोगत्वा सचेत होकर बालक रूपी अत्मा ने रोषपूर्वक लोभ-मिठाई को पटक(फेक)दिया और रोते- रोते उसे परमपिता की प्राप्ति या अनुभूति हो गई।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
पुत पियारो पिता कौ,गौहनि लागा घाइ । लोभ मिठाई हाथ दे, आपण गया भुलाइ ॥
Kabir 3.17
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Translations & commentaries(3)
Sūtra — Translation
Bhāṣya — Commentary
अन्ततोगत्वा आत्मारूपी बालक चेतन पर सचेत हो गया । ओर वह पुन:पिता से अभिन्न हो गया।
Padārtha — Word-meaning
खाड= शकर,मिठाई । अतरि= अन्तर अन्तस, हदय। रोम=रोप=असन्तोप । उपाई= उत्पन्न हुआ ।