Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष । गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मिटे न दोष ॥
Kabir 22.43
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कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष । गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मिटे न दोष ॥
Kabir 22.43
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