Sant Seva ParishadSant Seva ParishadSSP · sant seva

Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)

कबीर दोहावली

मूल श्लोकः

कबीर आपण राम कहि स्पौरां राम कहाई। जिहि मुखि राम न ऊबरै, तिहि मुख फेरि कहाइ॥

Kabir 2.16

Audio
Translations & commentaries(3)

Sūtra Translation

Sūtrahi.wikisource· HI

राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट ले। अन्यथा जब तन से आत्मा विलग हो जायेगी तब पीछे पछताना पड़ेगा। विशेष— (१) राम नाम का ही सुलभ है। राम नाम बड़ा ही कल्याणकारी तत्व है। इस प्रकार के कल्याणकारी तत्व की उपेक्षा करने के कारण मानव का बड़ा अहित होता है। फिर भी मानव सचेत नहीं होता है (२) पीछे....छूटि न कवि ने यह बताने की चेष्टा की है कि प्राणान्त हो जाने पर पछताना पड़ेगा। ​प्राणगान्त हो जाने पर पछताने का का कौन सा अवसर है? मृत हो जाने पर संज्ञा विहीन होने पर पछताना शेष रहेगा? इस शंका का समाधान इस प्रकार हो सकता कि यह जीवन माया मे सलग्न रहकर, पथ भ्रष्ट होकर, लक्ष्य विहीन हो जायेगा और पंचतत्व को प्राप्त होकर पुनः जन्म-मरण के क्रम मे निवध्द होगा, एक बार सत्यता पूर्वक ब्रह्म का स्मरण करने पर मानव ब्रह्माकार हो जाता है। परन्तु इसके विपरीत माया मे सलग्न रहने के कारण वह दूसरे जन्म मे भी पश्चाताप की अग्नि मे प्रदग्ध होता रहता है।

Bhāṣya Commentary

Bhāṣyahi.wikisource· HI

प्रस्तुत साखी में कवि ने राम नाम सुलभता और जीवन की क्षण भंगुरता की ओर संकेत किया है। कवि ने बड़ी स्पष्टता के साथ कहा है जब "यहु तन जैहै छूटि" तब "पीछैं ही पछिताहुगे।"

Padārtha Word-meaning

Padārthahi.wikisource· HI

लूटियौ = लूटिये। पीछै= मृत्य के अनन्तर। दूसरा जन्म धारनण करने पर।