Sant Seva ParishadSant Seva ParishadSSP · sant seva

Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)

कबीर दोहावली

मूल श्लोकः

संदर्भ―इस संसार में सभी प्राणी अचानक मिल जाते है और फिर विमुक्त हो जाते हैं। इत प्रधर, उत घर, बण जण आये हाट। करम किरांणां बेचि करि, उठि ज लागे बाट॥

Kabir 12.56

Audio
Translations & commentaries(3)

Sūtra Translation

Sūtrahi.wikisource· HI

जीवात्मा का घर तो ब्रह्म के पास ही है यह संसार तो उसके लिए परदेश है। लोग इस संसार मे कर्मों का व्यापार करने के लिए आते हैं और कर्मों का किराना―कर्म फल प्राप्त करके बेचकर सब उसी मार्ग का अवलम्बन करते हैं।

Bhāṣya Commentary

Bhāṣyahi.wikisource· HI

―इस ससार मे आकर लोग कर्मों का फल भोग कर फिर मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं।

Padārtha Word-meaning

Padārthahi.wikisource· HI

―प्रघर=पर घर, संसार। बर=ब्रह्म।