यह संसार और कुछ नहीं केवल दुःखों का पात्र (स्थान) है जो नीचे से ऊपर तक अभावों से पूर्ण रूपेण भरा हुआ है। श्रेष्ठ राम और अल्लाह की कृपा के बिना बड़े-बड़े कोषागारों के रहते हुए भी जीवात्मा को अभावों का शिकार होना पड़ता है।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
दुनियाँ भाँडा दुख का, भरी मुहांमुह भूप। अदया अलह राम की, कुरहै ऊँणीं कृप॥
Kabir 12.47
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Translations & commentaries(3)
Sūtra — Translation
Bhāṣya — Commentary
सब कुछ राम की कृपा से ही प्राप्त होता है।
Padārtha — Word-meaning
भाँडा = वर्तन। अदया = कृपा बिना। अलह = अल्लाह।