―जिनके दरवाजे पर सप्तस्वरो का राग बजता या अर्थात् जहाँ वैभव का प्रत्येक उपकरण उपस्थित था माज वे वैभवपूर्ण महल भी खालो पढे है उन पर आज पौए बैठे हुए हैं। उनका समस्त वैभव नष्ट हो गया है।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
संदर्भ―कोई भी सासारिक आकर्षण मृत्यु को रोकने मे समर्थ नहीं है। सातों शब्द जु बाजते, घरि घरि होते राग। ते मन्दिर खाली पड़े, बैसण लागे लाग॥
Kabir 12.4
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Translations & commentaries(2)
Sūtra — Translation
Padārtha — Word-meaning
―सातों सवद=सप्त स्वर। वैसरण=बैठने लगे।