कबीरदास जी कहते हैं कि इस संसार में अनेकों मनुष्य बुद्धिहीन है वह राम नाम के वास्तविक तत्व को न जान कर तिलक आदि लगाकर ही ईश्वर भक्त बनना चाहते हैं। संसार को धोखा देना चाहते है।"
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
कबीर इस संसार में, घणें मनिष मत हीण। राम नांम जांणैं नहीं आया टापा दीन॥
Kabir 12.24
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Translations & commentaries(3)
Sūtra — Translation
Bhāṣya — Commentary
ढोगियों और तिलकधारियों के प्रति व्यंग्य है।
Padārtha — Word-meaning
घणे = अत्यधिक। टापा = झासा देना, धोखा देना।