―हे मनुष्य! सतगुरु रूपी रक्षक के अभाव मे तेरे मोक्ष रूपी खेत को कुछ तो काम क्रोधादि रूपी पाँच चोरो ने उडा लिया और कुछ वासना रूपी चिड़ियों ने खा लिया। अब भी यदि मंगल चाहता है तो सावधान होकर प्रभु -भक्ति में प्रवृत्त होकर उसको थोड़ा बहुत बचा ले।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
संदर्भ―वासना प्रेरित कुमार्ग को छोड़कर मनुष्य को सुमार्ग को अपनाना चाहिए। विन रखवाले वाहिरा, चिड़ियै खाया खेत। आधा प्रधा ऊवरै, चेति सकै तो चेति॥
Kabir 12.15
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Translations & commentaries(3)
Sūtra — Translation
Bhāṣya — Commentary
―जीव को सावधानी से मोक्ष-प्राप्ति का प्रयास करना चाहिए।
Padārtha — Word-meaning
रखवाले = रक्षक, गुरु। चिड़ियै = वासना या माया के पक्षी। आधा प्रधा = थोड़ा बहुत।